Defence Accounts Department (DAD) ने 1 अक्टूबर को कई डिजिटल और वित्तीय प्रबंधन पहलें शुरू कीं। इनमें Indian Army Financial Information System को SAKSHAM प्लेटफॉर्म से जोड़ना, National Compilation System का नया रूप और रक्षा मंत्रालय में Treasury Single Account भुगतान के लिए PRISM प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट की केवल वार्षिक समीक्षा से आगे बढ़कर रियल-टाइम डेटा आधारित “any time review” की दिशा पर जोर दिया। यह नीति-दिशा है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि सभी रक्षा वित्त प्रणालियां पहले ही पूर्ण रूप से रियल-टाइम और एकीकृत हो चुकी हैं।
इसका प्रशासनिक महत्व केवल कागजी प्रक्रिया को डिजिटल करने से अधिक है। रक्षा खर्च में खरीद, वेतन, पेंशन और संचालन खर्च शामिल हैं। जुड़े हुए वित्तीय सिस्टम reconciliation में देरी घटा सकते हैं और audit trail मजबूत कर सकते हैं, लेकिन cybersecurity, डेटा गुणवत्ता, access control और system failure के समय continuity भी जरूरी है।
UPSC के लिए यह public finance और e-governance का उपयोगी उदाहरण है। Treasury Single Account का उद्देश्य आम तौर पर नकदी प्रबंधन को अधिक समेकित करना है। इन प्रणालियों की सफलता वास्तविक रूप से accuracy, timeliness, transparency और सेवा-प्रदान में मापी जानी चाहिए।