लद्दाख के लिए Article 371(K) पर विचार हो रहा है. असली सवाल यह है कि यह कितनी शक्ति और सुरक्षा देगा
केंद्र ने लद्दाख के लिए एक नए संवैधानिक सुरक्षा प्रावधान का संकेत दिया है, लेकिन जमीन, नौकरियां और निर्वाचित संस्थाओं की शक्तियां अभी भी बातचीत के मुख्य मुद्दे हैं.
THE INDIQA Desk10 सित॰ 20261 मिनटराजव्यवस्था और शासन
60-सेकंड सार
केंद्र ने लद्दाख के लिए एक नए संवैधानिक सुरक्षा प्रावधान का संकेत दिया है, लेकिन जमीन, नौकरियां और निर्वाचित संस्थाओं की शक्तियां अभी भी बातचीत के मुख्य मुद्दे हैं.
UPSC प्रासंगिकता
PrelimsHigh
MainsGS-II · GS-III · High
विषयराजव्यवस्था और शासन, भूगोल, आंतरिक सुरक्षा
टॉपिकPolity & Governance
महत्व★★★★★
Image: Deepa 07 / Wikimedia Commons - CC BY-SA 4.0
केंद्र ने संकेत दिया है कि लद्दाख के लिए नया Article 371(K) विचार के दायरे में हो सकता है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश के संवैधानिक और राजनीतिक safeguards पर बातचीत जारी है. यह प्रस्ताव महत्वपूर्ण है क्योंकि Article 371 के तहत पहले से कई राज्यों को अलग तरह की संवैधानिक सुरक्षा मिली हुई है. लेकिन लद्दाख के मामले में चर्चा अभी negotiation stage में है और कोई नया संवैधानिक प्रावधान लागू नहीं हुआ है.
मुद्दा सिर्फ नए Article का नाम नहीं है. लद्दाख के समूह जमीन और सरकारी नौकरियों पर मजबूत सुरक्षा, अधिक लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय संस्थाओं को अधिक अधिकार चाहते रहे हैं. किसी भी समझौते की असली अहमियत इस बात से तय होगी कि वह सत्ता के संतुलन में वास्तविक बदलाव लाता है या केवल सीमित protections तक रहता है.
UPSC के लिए Article 371 और Sixth Schedule का फर्क समझना जरूरी है. Article 371 संविधान के asymmetric federal arrangements का हिस्सा है, जबकि Sixth Schedule कुछ अधिसूचित tribal areas में autonomous district और regional councils का ढांचा देता है. लद्दाख की मांग दोनों frameworks के संदर्भ में चर्चा में रही है, लेकिन कानूनी रूप से दोनों एक जैसे नहीं हैं.
Prelims Lens
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Article 371 में अलग-अलग राज्यों के लिए विशेष संवैधानिक provisions हैं.
Sixth Schedule कुछ notified tribal areas में autonomous councils के लिए अलग संवैधानिक framework देता है.
Mains Lens
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मुख्य मुद्दा: केंद्र ने लद्दाख के लिए नए संवैधानिक safeguards का प्रस्ताव रखा है, लेकिन जमीन, नौकरियां और निर्वाचित संस्थाओं की शक्तियां अभी भी बातचीत के असली मुद्दे हैं.
मुख्य आयाम: राजव्यवस्था और शासन · भूगोल · आंतरिक सुरक्षा
क्षेत्रीय विविधता को संभालने के लिए asymmetric federalism की भूमिका
Union Territories में democratic representation और autonomy का सवाल
संभावित UPSC प्रश्नराष्ट्रीय एकता को कमजोर किए बिना asymmetric constitutional arrangements क्षेत्रीय आकांक्षाओं को किस तरह संबोधित कर सकते हैं?