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कूनो में भारत में जन्मी चीता ने दिए चार शावक, परियोजना के लिए नया पड़ाव

भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। इससे प्रजनन कार्यक्रम को बढ़ावा मिला है, लेकिन किसी भी पुनर्स्थापना परियोजना की असली सफलता लंबे समय तक टिकाऊ आबादी बनने से तय होती है।

कूनो नेशनल पार्क में Project Cheetah ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है। भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। KGP12 की मां गामिनी को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया था।

इस जन्म के बाद देश में चीता की कुल संख्या 56 बताई गई है, जिनमें 36 चीते भारत में जन्मे हैं। यह आंकड़ा इसलिए खास है क्योंकि अब पुनर्स्थापना कार्यक्रम की दूसरी पीढ़ी भी प्रजनन कर रही है।

फिर भी इस खबर को केवल बढ़ती संख्या के रूप में देखना अधूरा होगा। किसी वन्यजीव पुनर्स्थापना परियोजना की सफलता तब मानी जाती है जब जानवर लंबे समय तक जीवित रहें, पर्याप्त शिकार उपलब्ध हो, उनका प्राकृतिक व्यवहार बना रहे और आबादी आनुवंशिक रूप से स्वस्थ बनी रहे।

कूनो के लिए अगली चुनौती यही है - जन्मों की संख्या बढ़ाने के साथ एक ऐसी आबादी तैयार करना जो लगातार मानव हस्तक्षेप पर निर्भर न रहे। आने वाले वर्षों में शावकों की जीवित रहने की दर, उनका फैलाव और प्रजनन क्षमता इस परियोजना की वास्तविक दिशा बताएंगे।

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