सेमीकंडक्टर उद्योग में केवल चिप बनाने की फैक्टरी खड़ी कर देना काफी नहीं होता। उसके पीछे मशीनें, विशेष सामग्री, परीक्षण, पैकेजिंग, डिजाइन और प्रशिक्षित लोगों की पूरी श्रृंखला काम करती है। भारत अब इसी बड़े ढांचे को खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
इसी दिशा में अमेरिकी कंपनी Applied Materials ने भारत में अगले दस वर्षों के दौरान 5 अरब डॉलर निवेश करने की योजना घोषित की है। कंपनी का काम चिप बनाने वाली मशीनों और उनसे जुड़ी तकनीक पर केंद्रित है। निवेश का एक हिस्सा अनुसंधान, स्थानीय आपूर्ति शृंखला और कुशल कर्मचारियों के विकास पर जाएगा।
यह घोषणा SEMICON India 2026 के दौरान हुई। सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़ी आपूर्ति क्षमता को कई गुना बढ़ाना है।
इस निवेश की अहमियत इसलिए है क्योंकि भारत की सेमीकंडक्टर नीति अब केवल नई फैक्टरियों तक सीमित नहीं रह सकती। यदि जरूरी उपकरण, सामग्री और विशेषज्ञता विदेश से ही आती रही, तो घरेलू निर्माण की लागत और निर्भरता दोनों बनी रहेंगी। इसलिए असली सफलता निवेश की घोषणा से नहीं, बल्कि इस बात से तय होगी कि भारत में कितनी तकनीकी क्षमता और स्थानीय आपूर्ति शृंखला वास्तव में बनती है।


