राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय पर CAPEX 2026 सर्वे शुरू किया है। यह इस श्रृंखला का तीसरा दौर है और अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसमें हाल के वास्तविक खर्च, चालू वित्त वर्ष के provisional capital expenditure और अगले वित्त वर्ष के निवेश इरादों की जानकारी ली जाएगी।
Capital expenditure यानी पूंजीगत व्यय से नई उत्पादक परिसंपत्तियां बनती या बेहतर होती हैं—जैसे मशीनरी, संयंत्र, भवन और तकनीक। कंपनियों के निवेश फैसलों की जानकारी वार्षिक खातों से पहले मिल सके तो नीति-निर्माताओं को मांग, क्षमता विस्तार और business confidence का शुरुआती संकेत मिलता है।
लेकिन निवेश इरादा और वास्तविक खर्च एक जैसी चीज नहीं हैं। ब्याज दर, मांग, वित्त उपलब्धता, नियमन या वैश्विक झटकों के कारण प्रस्तावित CAPEX टल सकता है। इसलिए सर्वे की उपयोगिता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि उत्तर कितने व्यापक हैं और पहले बताए गए इरादे बाद में वास्तविक खर्च से कितना मेल खाते हैं।
UPSC के लिए यह investment cycle, आर्थिक सांख्यिकी और policy evidence का अच्छा उदाहरण है। सर्वे शुरू होना निवेश तेज हो जाने का प्रमाण नहीं, बल्कि उसे मापने की प्रक्रिया की शुरुआत है।